आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनेई ने पाकीज़ा डिफ़ेंस सप्ताह और शहीदों की याद में मनाए जाने वाले विशेष दिवस "मेहमानिए लालेहा" के मौक़े पर शहादत को संघर्ष का इनाम बताया और बल दिया कि क़ौमें इन संघर्षों से विकास करती हैं और इन शहादतों से ज़िंदगी पाती और अपनी जलवा बिखेरती हैं।
01/10/2025
शहीद राज़ीनी और शहीद मुक़ीसा को अल्लाह के दुश्मनों के हाथों, अल्लाह की राह में शहीद होने का बदला मिला। जो लोग दुनिया से शहीद जाते हैं उन्हें हक़ीक़त में अल्लाह के पास से बदला मिलता है।
20/01/2025
उनकी शहादत इसलिए नुमायां और अहम है क्योंकि वे मुल्क की रक्षा के लिए सबसे घटिया दुश्मन के मुक़ाबले में डटे रहे।
03/11/2024
मुजाहिद हीरो, कमांडर यहया सिनवार अपने शहीद साथियों से जा मिले। उन जैसे इंसान के लिए शहादत के अलावा कोई अंजाम मुनासिब नहीं है।
22/10/2024
रहबरे इंक़ेलाबे इस्लामी आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने एक पैग़ाम जारी करके बैरूत के ज़ाहिया इलाक़े पर ख़बीस ज़ायोनी सरकार के हमलों में बहादुर और विद्वान फ़ौजी सरदार जनरल अब्बास नीलफ़ुरूशान रहमतुल्लाह अलैह की शहादत पर ताज़ियत और मुबारकबाद पेश की है। रहबरे इंक़ेलाब का शोक संदेश इस प्रकार है:
01/10/2024
सलाम और रहमत हो इस वाक़ए के शहीदों पर और लानत व धिक्कार हो ज़ालिम हुकूमत के अधिकारियों पर इस्लाम के बहादुर व त्यागी कमांडर जनरल मोहम्मद रज़ा ज़ाहेदी अपने साथी मुजाहिद मोहम्मद हादी हाज रहीमी के साथ, क़ाबिज़ व घृणित ज़ायोनी हुकूमत की आपराधिक कार्यवाही का शिकार होकर शहीद हो गए। अल्लाह और उसके औलिया का सलाम और रहमत उन पर हो और इस वाक़ए के दूसरे शहीदों पर हो और ज़ालिम व अतिक्रमणकारी हुकूमत के अधिकारियों पर लानत व धिक्कार हो। जनरल ज़ाहेदी और उनके साथ अन्य लोगों की शहादत पर रहबरे इंक़ेलाब के पैग़ाम का एक भाग 2 अप्रैल 2024
02/04/2024
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई ने आईआरजीसी के सीनियर कमांडर जनरल मोहम्मद रज़ा ज़ाहेदी और उनके कुछ साथी मुजाहिदों की क़ाबिज़ व घृणित ज़ायोनी हुकूमत के हाथों शहादत पर एक पैग़ाम जारी करके कहा है कि हम अल्लाह की मदद से उन्हें इस जुर्म और इसी तरह के दूसरे जुर्मों पर पछताने पर मजबूर कर देंगे।
02/04/2024
अचानक हमने देखा कि इमाम हुसैन के ख़ैमों की तरफ़ से एक बच्चा बाहर आया, उसका चेहरा चांद के टुकड़े की तरह दमक रहा था। वह आया और जंग करने लगा। इब्ने फ़ुज़ैल अज़दी ने उसके सिर पर वार किया और उसके दो टुकड़े कर दिए। बच्चा मुंह के बल ज़मीन पर गिर पड़ा। उसकी आवाज़ बुलंद हुयी: ऐ चचा जान!
25/07/2023
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई ने आज मंगलवार की सुबह न्यायपालिका प्रमुख, अधिकारियों और कर्मचारियों के एक समूह से मुलाक़ात में अवाम के लिए क़ानूनी दायरे में आज़ादी को मुहैया करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि संविधान के साफ़ लफ़्ज़ों के मुताबिक़ अवाम को वे सभी आज़ादियां मुहैया कराई जाएं जिनकी शरीअत ने इजाज़त दी है, अलबत्ता सत्ताधारी हल्क़े आम तौर पर इन आज़ादियों में रुकावट डालते हैं, इसलिए न्यायपालिका को इस संबंध में अपनी ज़िम्मेदारियों पर अमल करना चाहिए।
27/06/2023
ईरान में मनाए जाने वाले न्यायपालिका के हफ़्ते की मुनासेबत से न्यायपालिका के प्रमुख और ओहदेदारों ने इस्लामी इंक़ेलाब के नेता से मुलाक़ात की।
27/06/2023
इमाम अली नक़ी अलैहिस्सलाम और दूसरे इमामों, सभी ने इस रास्ते की ओर क़दम बढ़ाया कि अल्लाह का हुक्म, अल्लाह का क़ानून समाजों में लागू हो। कोशिशें हुई हैं, जिद्दोजेहद हुयी है, तकलीफ़ें उठायी गयी हैं। इस राह में जेल व जिलावतनी बर्दाश्त की गयी और नतीजाख़ेज़ शहादतें दी गई हैं।ʺ इमाम ख़ामेनेई 8 मई 1981
25/01/2023