अगर इमाम महदी के ज़ाहिर होने का अक़ीदा न होता तो पैग़म्बरों का संघर्ष बेकार हो जाता

अगर इमाम महदी के प्रकट होने का अक़ीदा न हो तो इसका मतलब यह होगा कि पैग़म्बरों की सारी कोशिशें, यह सत्य की ओर दावत, ये पैग़म्बरों का भेजा जाना, ये सबके सब बेकार की कोशिश थी, बेफ़ायदा थी।

इमाम ख़ामेनेई

09/07/2011

अगर इमाम महदी के प्रकट होने का अक़ीदा न हो तो इसका मतलब यह होगा कि पैग़म्बरों की सारी कोशिशें, यह सत्य की ओर दावत, ये पैग़म्बरों का भेजा जाना, ये सबके सब बेकार की कोशिश थी, बेफ़ायदा थी।

इमाम ख़ामेनेई

09/07/2011

04/10/2024

अगर इमाम महदी के ज़ाहिर होने का अक़ीदा न होता तो पैग़म्बरों का संघर्ष बेकार हो जाता