इस ईद में सारा ध्यान भविष्य पर है, भविष्य पर निगाह से क्या मतलब है? यानी इस निगाह में दो चीज़ें हैं: एक उम्मीद और दूसरे कोशिश। जब इंसान की निगाह भविष्य पर हो, तो इस निगाह के नतीजे में मिलने वाली पहली चीज़ उम्मीद है।
दूसरी चीज़ कोशिश है, कोशिश। कोई भी निश्चित भविष्य, कोशिश पर निर्भर है। आप किसी ऐसे पहाड़ के आंचल में कि जिसपर से गुज़रा जा सकता है, खड़े हों, तो क्या वहाँ पहुंचना मुमकिन है? जी हैं, क्या वहाँ पहुंचना निश्चित है? जी हाँ कुछ लोग वहाँ ज़रूर पहुंचेंगे, लेकिन वहाँ पहुंचना एक चीज़ पर निर्भर है और वह है कोशिश। कदम बढ़ाना ज़रूरी है। अगर यहीं बैठ रहे, देखते रहे, तारीफ़ करते रहे, ख़ुश होते रहे, ताली बजाते रहे उन लोगों के लिए जो जा रहे हैं, तो आप नहीं पहुंच पाएंगे। कोशिश के अलावा कोई रास्ता नहीं है।
इमाम ख़ामेनेई
02/06/2015
07/02/2025