उस महापुरुष को विदा करने में अब गिनती के कुछ दिन...

उस महापुरुष को विदा करने में अब गिनती के कुछ दिन...

जिस ने 40 साल पहले न्याय पर आधारित नई वैश्विक व्यवस्था का ख़ाका पेश किया था। 

ज़िम्बाबवे की राजधानी हरारे में, गुट निरपेक्ष आंदोलन की आठवीं कॉन्फ़्रेंस में शहीद रहबर, इमाम सैयद अली ख़ामेनेई की शिरकत और भाषण, जहाँ उन्होंने कहा थाः "इस्लाम और तमाम आसमानी धर्म, वर्चस्ववादी संस्कृति की पूरी तरह विपरीत दिशा में इंसान का मार्गदर्शन करते हैं।"

मंगलवार 30 जून 2026 को शहीद रहबर इमाम सैयद अली ख़ामेनेई के शव को अलविदा कहने में सिर्फ़ 4 दिन बचे हैं!

#उठ खड़े होना चाहिए

#शहीद ख़ामेनेई

30/06/2026

यहाँ आने वाले सभी अज़ीज़ों को सलाम...