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शैख़ इब्राहीम ज़कज़की का इमाम ख़ामेनेई की शहादत पर सांत्वना संदेश

शैख़ इब्राहीम ज़कज़की का इमाम ख़ामेनेई की शहादत पर सांत्वना संदेश

बिस्मिल्लाह अर्रहमान अर्रहीम ऐ अल्लाह मोहम्मद और आले मोहम्मद पर अपनी रहमत नाज़िल कर और उन्हें जल्द से जल्द ज़ाहिर कर इन्ना लिल्लाहे व इन्ना इलैहे राजेऊन (बेशक हम सिर्फ़ अल्लाह ही के लिए हैं और उसी की तरफ़ पलट कर जाने वाले हैं)

और अहले ईमान में से कुछ ऐसे भी हैं जिन्होंने वह अहद व पैमान सच्चा कर दिखाया जो अल्लाह से किया था। सो उन में से कुछ वे हैं जो अपना वक़्त पूरा कर चुके हैं और कुछ उस (वक़्त) का इंतेज़ार कर रहे हैं और उन्होंने (अपनी रविश में) ज़रा भी तबदीली नहीं की।

 

और जो लोग अल्लाह की राह में मारे गए हैं उन्हें मुर्दा न समझो बल्कि वे ज़िंदा हैं अपने परवरदिगार के यहाँ रिज़्क़ पा रहे हैं। 

 

टूटे हुए दिल और दुखी आत्मा के साथ, दिल की गहराई से अपनी सांत्वना और हमदर्दी को इमाम महदी (अल्लाह उन्हे जल्द से जल्द ज़ाहिर करे) और इस्लामी जगत के रहबर आयतुल्लाहिल उज़्मा शहीद अली ख़ामेनेई, अज़ीज़ के सम्मानीय ख़ानदान और उनकी फ़ैमिली के सभी सम्मानीय सदस्यों, वरिष्ठ धर्मगुरुओं, इस्लामी गणराज्य ईरान की क़ौम, सभी इस्लामी जगत और दुनिया के पीड़ितों की सेवा में, पेश करता हूं। वे, ज़ायोनी दुश्मन नेतनयाहू के, जिसने ट्रम्प की अगुवाई में अमरीकी ज़ुल्म के साथ सहयोग किया, आतंकवादी हमले में तेहरान में अपने घर में निशाना बने और शहीद हो गए। 

यह कायरतापूर्ण और आपराधिरक करतूत जो बेगुनाह लोगों के ख़िलाफ़ अंजाम दी गयी, पूरी मानवता पर हमला है और इस से क़ौमों के आतंकवाद, ज़ुल्म और तानाशाही से मुक़ाबले का इरादा हरगिज़ ख़त्म नहीं होगा। अल्लाह से दुआ करता हूं कि वह आला दर्जे वाले इस शहीद और अज़ीम रहबर को क़ुबूल करे और अपने यहाँ स्वर्ग में सब से ऊंचा मक़ाम दे और उन्हें उन लोगों के साथ जो उन के दादा इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के साथ शहीद हुए, महशूर करे और उन के घर वालों और साथियों को सब्रे जमील और वास्तविक सुकून अता करे।

ऐ नफ़्से मुतमइन। तू इस हालत में अपने परवरदिगार की तरफ़ पलट कि तू उस से राज़ी है वह तुझ से राज़ी है। तो तू मेरे (ख़ास) बंदों में दाख़िल हो जा। और मेरी जन्नत में दाख़िल हो जा। 

 

महान अल्लाह से इस शहीद के लिए अथाह रहमत, सब से ऊंचे अज्र और घायलों के लिए जल्द शिफ़ा पाने की दुआ करता हूं। महान अल्लाह से दरख़ास्त है कि (ईरानी) क़ौम और मुल्क को हर बुराई से सुरक्षित रखे और हर फ़ितने को चाहे ज़ाहिर हो या छिपा हो, ख़त्म कर दे।

हमारी दिली सांत्वना आप के साथ और आपके लिए सब्र और अज्र की ख़ालिस दुआ करते हैं। 

आप सब पर सलाम और अल्लाह की रहमत और बर्कत हो।

शैख़ इब्राहीम ज़कज़की

13 रमज़ान 1447 हिजरी क़मरी

03/03/2026