अहकाम: मस्जिद में दूसरी मंज़िल और तहख़ाना बनवाने के बारे में हुक्म
सवालः एक मस्जिद जो वक़्फ़ है और हमें वक़्फ़ करने वाले की नीयत के बारे में पता नहीं है तो क्या मस्जिद के ऊपर एक और मंज़िल बना सकते हैं या मस्जिद के नीचे तहख़ाना बना सकते हैं और उसे किराए पर दे सकते हैं ताकि मस्जिद के लिए आय का एक ज़रिया रहे?
जवाबः जिस जगह पर मस्जिद है वहाँ ग़ैर मस्जिद के तौर पर ऊपरी मंज़िल या तहख़ाना बनाना शरीअत के लेहाज़ से मुमकिन नहीं है और नया मंज़िला और तहख़ाना भी मस्जिद के ही दायरे में आएगा और उसे किराए पर देना सही नहीं है।
02/01/2024

