हज़रत फ़ातेमा ज़हरा (स.अ.) की महानता को बयान करना हमारी ज़बानों के बस की बात ही नहीं है।
उनका तज़केरा तो क़ुरआने मजीद और मोतबर हदीसों ने किया है। उनकी बहुत सी फ़ज़ीलतों को बयान किया है कि जिन्हें समझने के लिए भी हमें बहुत ज़्यादा सोचने और ग़ौर करने की ज़रूरत है। यह जो रवायत है कि जिबरईल, पैग़म्बरे इस्लाम के स्वर्गवास के बाद हज़रत फ़ातेमा ज़हरा (स.अ.) के पास आते थे, यह रवायत सही है।
इमाम ख़ामेनेई
23 जनवरी 2022
29/01/2022