क़ुरआन की रौशनी में: पैग़म्बरे इस्लाम सल्लललाहो अलैहि वआलेही वसल्लम आदर्श हैं
सब्र यानी उन लक्ष्यों और मक़सद पर डटे रहना जो हमने निर्धारित किए हैं। सब्र यानी जोश व जज़्बे के साथ बढ़ना और बढ़ते जाना, यही सब्र का मतलब है।
सब्र यानी उन लक्ष्यों और मक़सद पर डटे रहना जो हमने निर्धारित किए हैं। सब्र यानी जोश व जज़्बे के साथ बढ़ना और बढ़ते जाना, यही सब्र का मतलब है।
15/11/2023