आयतुल्लाह सैयद अली ख़ामेनेई की आत्मकथा के आर्मीनियाई ज़बान में अनुवाद से इस्लामी गणराज्य ईरान के इतिहास को समझने का मौक़ा मिलेगायेरवान यूनिवर्सिटी की शैक्षिक मामलों की प्रमुख ने कहा कि किताब "ख़ूने दिली के लाल शुद" के आर्मीनियाई ज़बान में अनुवाद से इस्लामी गणराज्य ईरान के पिछले कुछ दशकों के इतिहास को बेहतर तौर पर समझने का मौक़ा मिलेगा।
09/10/2026