अमरीकी राष्ट्रपति ने मक़बूज़ा फ़िलिस्तीन में खोखली और वाहियात बातों से मायूस ज़ायोनियों में उम्मीद पैदा करने की कोशिश की, उनमें हौसला पैदा करने की कोशिश की। उन्हें 12 दिन की जंग में ऐसा थप्पड़ रसीद हुआ कि उन्होंने सोचा भी नहीं था, वे मायूस हो गए। ये गए ताकि उन्हें हौसला दें।
20/10/2025
हमारी सोचने की शक्ति की इतनी बुलंद उड़ान नहीं है, वह हिम्मत और हौसला नहीं है कि हम यह कह सकें कि इस महान हस्ती की जीवनशैली हमारा आदर्श है। हमारी यह हैसियत नहीं। लेकिन बहरहाल हमारे क़दम उसी दिशा में बढ़ें जिस दिशा में हज़रत ज़ैनब के क़दम बढ़े हैं। हमारा मक़सद इस्लाम का गौरव होना चाहिए, इस्लामी समाज की गरिमा होना चाहिए, इंसान की प्रतिष्ठा होना चाहिए। इमाम ख़ामेनेई 20 नवम्बर 2013
28/01/2024