दरस-ए-अख़लाक़: मुश्किलों के वक़्त अल्लाह की नेमतों को याद कीजिएजब कोई मुश्किल पेश आती है तो हम भूल जाते हैं कि अल्लाह ने हमारी सैकड़ों मुश्किलों को हल किया है, यह भी वैसी ही एक मुश्किल है, (इसकी) क्या अहमियत है (यह भी हल हो जाएगी)। अल्लाह की नेमतों को याद कीजिए, जैसे ही एक पत्थर रास्ते में आता है तो हम भूल जाते हैं कि हमारे सामने बड़ी बड़ी चट्टानें थीं जो हट गईं, अल्लाह ने उन्हें हटा दिया। यह भूल जाते हैं और शक में पड़ जाते हैं, सुस्ती का शिकार हो जाते हैं, मायूस हो जाते हैं। यह सब ख़तरनाक बीमारियां हैं, इन बीमारियों की ओर से चौकन्ना रहना चाहिए।
इमाम ख़ामेनेई
17/08/2023
15/10/2025