इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई की वेबसाइट Khamenei.ir ने लेबनान के लेखक और राजनैतिक टीकाकार तारिक़ तरशीशी से एक इंटरव्यू किया है जिसमें उन्होंने कहा है कि ज़ायोनी अधिकारी, सन 1948 से ही पूरे फ़िलिस्तीन पर नाजायज़ क़ब्ज़े और ग्रेटर इस्राईल के गठन की कोशिश करते रहे हैं। उनका कहना है कि "टू स्टेट सोल्युशन" सिर्फ़ एक राजनैतिक वहम है और फ़िलिस्तीनी क़ौम को उसके अधिकार दिलाने और मक़बूज़ा इलाक़ों की आज़ादी का सिर्फ़ एक रास्ता है और वह है सशस्त्र रेज़िस्टेंस। इस इंटरव्यू के अहम हिस्से पेश किए जा रहे हैं।
25/11/2025
"ग्रेटर इस्राईल" अब कट्टरपंथी ज़ायोनियों के चुनावी अभियानों में केवल एक धार्मिक मान्यता या वैचारिक आकांक्षा मात्र नहीं रह गया है, बल्कि व्यवहार में यह एक भू-राजनीतिक परियोजना बन गया है। इस विचार की लालची, नाजायज़ क़ब्ज़ा करने वाली और नस्लवादी प्रवृत्ति, जिसने अरब दुनिया और इस्लामी समुदायों की सुरक्षा, संप्रभुता और क्षेत्रीय संरचना को निशाना बनाया है, ऐसी है कि अगर इसके पहलुओं को खोलकर समझाया जाए, तो ज़ायोनीवाद की प्रवृत्ति और क्षेत्र और इस्लामी जगत के भविष्य के लिए पश्चिमी सभ्यता की साज़िश को उजागर करने में यह एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसीलिए, ज़ायोनी शासन के नेता क्षेत्रीय नई व्यवस्था, न्यू मिडिल ईस्ट, सामान्यीकरण जैसे कानूनी, सुरक्षा के पहलूओं पर आधारित और लोकप्रिय शब्दों के साथ इस अर्थ को बदलने की कोशिश करते हैं।
22/11/2025
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई की वेबसाइट Khamenei.ir ने लेबनान के लेखक और राजनैतिक टीकाकार तारिक़ तरशीशी से एक इंटरव्यू किया है जिसमें उन्होंने कहा है कि ज़ायोनी अधिकारी, सन 1948 से ही पूरे फ़िलिस्तीन पर नाजायज़ क़ब्ज़े और ग्रेटर इस्राईल के गठन की कोशिश करते रहे हैं। उनका कहना है कि "टू स्टेट सोल्युशन" सिर्फ़ एक राजनैतिक वहम है और फ़िलिस्तीनी क़ौम को उसके अधिकार दिलाने और मक़बूज़ा इलाक़ों की आज़ादी का सिर्फ़ एक रास्ता है और वह है सशस्त्र रेज़िस्टेंस। इस इंटरव्यू के अहम हिस्से पेश किए जा रहे हैं।
18/11/2025
बिन गोरियन ने -जो इस्राईल के पहले प्रधान मंत्री थे- कहा था कि ग्रेटर इस्राईल नील से फ़ुरात तक होना चाहिए, इसलिए इस्राईल की क्षेत्र और दुनिया के लिए आगामी योजना से होशियार रहना चाहिए। आज और अभी से रेज़िस्टेंस के लिए तैयार रहना चाहिए।
20/10/2025
22 अगस्त 2025 को ज़ायनी सरकार के प्रधान मंत्री बिनयामिन नेतनयाहू का एक इंटरव्यू आई-24 नेटवर्क पर प्रसारित हुआ जिसमें उन्होंने साफ़ तौर पर "ग्रेटर इस्राईल" के सपने का ज़िक्र किया और उसे अपना आध्यात्मिक और ऐतिहासिक मिशन कहा।
01/10/2025
"सन 1948 का युद्ध अभी ख़त्म नहीं हुआ है। यह, उन युद्ध श्रृंखलाओं का सिर्फ़ एक चरण है जिनमें शामिल होने के लिए इस्राईल को पूरी तरह तैयार रहना चाहिए ताकि वह हर दिशा में अपनी सीमाओं को फैला सके।" इस वाक्य से, जो ज़ायोनी सेना के जनरल स्टाफ़ से संबंधित दस्तावेज़ों का एक हिस्सा है, पता चलता है कि "ग्रेटर इस्राईल" के सपने को पूरा करने के लिए "भूमि और सीमा विस्तार" कोई अस्थायी नीति नहीं बल्कि ज़ायोनी सरकार की एक बुनियादी रणनीति है; यह रणनीति क़ाबिज़ ज़ायोनी सरकार की स्थापना के समय से ही हमेशा उसके एजेंडे में शामिल रही है।(1)
20/08/2025