इस आयत पर अमल करें जिसमें अल्लाह ने फ़रमाया है, “बेशक तुम्हारे लिए पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहि व आलेही व सल्लम के वजूद में (पैरवी के लिए) बेहतरीन नमूना मौजूद है। हर उस शख़्स के लिए जो अल्लाह (की बारगाह में हाज़िरी) और क़यामत (के आने) की उम्मीद रखता है और अल्लाह को बहुत याद करता है” (सूरए अहज़ाब, आयत-21) पैग़म्बरे इस्लाम बेहतरीन नमूना हैं यह बात क़ुरआन ने साफ़ लफ़्ज़ों में कही है। “उसवा” हैं! इसका क्या मतलब है? यानी एक नमूना हैं और हमको इस नमूने की पैरवी करनी चाहिए। वह एक ऊंची चोटी पर हैं और हमको जो इस घाटी में हैं उस चोटी पर पहुंचने की कोशिश करनी चाहिए। क़दम बढ़ाना चाहिए, इंसान जहाँ तक भी जा सकता है आगे बढ़े, उस चोटी की ओर बढ़ता जाए “उसवा” का मतलब यह है। इमाम ख़ामेनेई 4/10/2022
17/11/2025
इस्लामी इन्क़ेलाब के नेता की मुख़्तलिफ़ मौक़ों की तक़रीरों की रौश्नी में हज़रत ज़हरा की शख़्सियत और सीरत का जायज़ा
26/12/2022