इस बात को एक अमरीकी ने माना। उसने कहा कि दो सक्रिय और प्रभावी ख़ुफ़िया संगठन यानी सीआईए और मोसाद अपने सभी साधनों को मैदान में लाए, लेकिन उन्हें शिकस्त हुयी।
02/02/2026
ईरान में हाल की घटनाओं को सिर्फ़ सामाजिक या आर्थिक ज़रूरतों के हिसाब से एनालाइज़ नहीं किया जा सकता। हालांकि हर समाज अंदरूनी समस्याओं का सामना करता है और विरोध राजनीतिक जीवन का हिस्सा है, लेकिन इस समय जो बात सबसे ज़्यादा सामने आई है, वह है ज़मीनी स्तर पर गतिविधियों का विदेशी साज़िश से जुड़ा होना, जिसके लक्ष्य का दायरा पॉलिसी बदलने से कहीं आगे है। सबूत बताते हैं कि इन घटनाओं के विदेशी योजनाकारों का मुख्य लक्ष्य राष्ट्रीय एकता की नींव को कमज़ोर करना और आखिर में ईरान के टुकड़े करना है।
19/01/2026
ज़बरदस्त और फ़ौलादी इरादे से भरी इन रैलियों ने विदेशी दुश्मनों की उस साज़िश को जिसे देश के अंदर उनके एजेंट अंजाम दे रहे थे विफल बना दिया।
13/01/2026
हज़रत फ़ातेमा ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा के जन्म दिवस के मौक़े पर ख़तीबों, शायरों और नौहाख़ानों के एक समूह ने इस्लामी इन्क़ेलाब के नेता से मुलाक़ात की।
12/01/2023
दुश्मन का एक हथकंडा यह है कि वह कहीं कोई काम बहुत शोर व ग़ुल के साथ शुरू करता है, ताकि सबका ध्यान उस तरफ़ मुड़ जाए, फिर अस्ली काम जो वह अंजाम देना चाहता है, किसी दूसरी जगह अंजाम देता है।
07/01/2023
#बसीज (स्वयंसेवी फ़ोर्स) के गठन की मुनासेबत से बड़ी तादाद में बसीजियों ने रहबरे इंक़ेलाब आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई से मुलाक़ात की। इस मौक़े पर रहबरे इंक़ेलाब आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनेई ने देश के हालात, पश्चिमी ताक़तों की पालीसियों और साज़िशों के बारे में बड़ी अहम तक़रीर की।
26/11/2022
यह जो बात मैं अर्ज़ कर रहा हूं सभी इस बर ध्यान दें, दुश्मन प्लानिंग के साथ मैदान में आया है। नौजवान समझ लें, वो प्रोग्राम के साथ मैदान में उतरे हैं। उनका प्रोग्राम यह है कि ईरानी क़ौम को अपनी साज़िश में शामिल कर लें, ऐसा कुछ करें कि ईरानी क़ौम का अक़ीदा, ब्रिटेन और अमरीका वग़ैरह के नेताओं जैसा हो जाए, यह साज़िश है। इमाम ख़ामेनेई 2 नवम्बर 2022
25/11/2022