अल्लाह मोमिनों का अज्र कभी बर्बाद नहीं करता... मुनाफ़िक़ों ने कहा कि सब तुम्हारे ख़िलाफ़ हो गए हैं, तो उन से डरो। तो उस बात ने उन के ईमान में और इज़ाफ़ा कर दिया। और उन्होंने कहा कि हमारे लिए अल्लाह काफ़ी है और वह बड़ा अच्छा कारसाज़ है।
31/01/2026
इस्लाम के दुश्मनों की हमेशा यही इच्छा रही है कि मुसलमानों के दिलों को बेचैन रखें। इस्लाम के लंबे इतिहास में ऐसे बहुत से वाक़ए पेश आए हैं। इस्लाम से पहले भी पैग़म्बरे इस्लाम से पहले अल्लाह के अज़ीम पैग़म्बरों के संघर्ष के दौरान जो मोमिन ईमान की राह पर डटे रहे उन्होंने रूहानी सुकून हासिल कर लिया। यह रूहानी सुकून ही उनको पूरे अख़्तियार के साथ ईमान के रास्ते पर क़ायम रख सका और वो कभी बेचैन नहीं हुए और न ही अपनी राह से भटके, क्योंकि बेचैनी की हालत में सही राह पर क़ायम रहना दुश्वार हो जाता है। वह इंसान जिसे रूहानी सुकून हो, उसकी सोच सही रहती है, वह सही फ़ैसले करता है और सही क़दम उठाता है। ये सब अल्लाह की रहमतों की निशानियाँ हैं। “याद रहे ज़िक्रे इलाही से ही दिलों को इतमेनान नसीब होता है” (सूरए राद, आयत-28) यह अल्लाह का ज़िक्र और याद है जो हमारे दिलों को, हमारी दुनिया और ज़िन्दगी के तूफ़ानों में सुरक्षित रखती है, इसलिए अल्लाह की याद को ग़नीमत समझिए। इमाम ख़ामेनेई 19/6/2009
09/11/2025
आज कुछ लोग अल्लाह के महानब पैग़म्बर हज़रत ईसा के अनुसरण का दावा करने के बावजूद फ़िरऔन और दुष्ट ताक़तों के स्थान पर बैठे हैं जिनसे हज़रत ईसा संघर्ष किया करते थे। इमाम ख़ामेनेई 27 दिसम्बर 2000
25/12/2023
अचानक यह बात मन में आयी कि मैं क्यों ठीक हो गया? यह जो अल्लाह ने मुझे सेहत दी है, इसकी कोई वजह होनी चाहिए। मुझे ख़याल आया कि यक़ीनन अल्लाह को मुझसे कुछ अपेक्षा है और उस अपेक्षा को व्यवहारिक बनाने के लिए उसने मुझे बचाया है।
27/06/2023
रूहानी और इलाही दर्जों तक पहुंचने में औरत और मर्द में कोई फ़र्क़ नहीं है। अल्लाह, इतिहास में हज़रत फ़ातेमा ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा जैसी महिला की रचना करता है जो इस हदीस के मुताबिक़ कि “हम अल्लाह की रचनाओं पर उसकी हुज्जत हैं और फ़ातेमा हम पर अल्लाह की हुज्जत हैं” अल्लाह की हुज्जत हैं, वे अल्लाह की हुज्जत की भी हुज्जत हैं, इमामों की माँ हैं, क्या इससे बढ़ कर भी कोई शख़्सियत हो सकती है? इमाम ख़ामेनेई 1 मई 2013
17/12/2021
प्यारे नौजवानो! ग़ैर मामूली दिमाग़ अल्लाह की नेमत है। अल्लाह की नेमत का शुक्र अदा करना चाहिए। सूरए नह्ल में है कि अल्लाह की नेमत का शुक्र अदा करो अगर तुम उसी की इबादत करते हो। आयतुल्लाह ख़ामेनेई 17 नवम्बर 2021
26/11/2021
शहीद दुनिया के सबसे बड़े व्यापार में कामयाब हैं। हे ईमान वालो, क्या तुम्हे ऐसा व्यापार दिखाएं जो तुम्हे दर्दनाक अज़ाब से बचाए? अल्लाह और उसके पैग़म्बर पर ईमान लाओ और अपनी जान-माल से अल्लाह की राह में जेहाद करो, अगर जानते हो तो यह तुम्हारे लिए बेहतर है। (सूरए सफ़ आयत 10 व 11) इमाम ख़ामेनेई, 24 अक्तूबर 2021
31/10/2021