पैग़म्बरे इस्लाम ने फ़रमायाः ऐ अबूज़र जन्नत में दाख़िल होना चाहते हो तो अपनी आरज़ूएं कम करो, मौत को हमेशा आँखों के सामने रखो और अल्लाह से हया करो उस तरह जैसा कि हक़ है।
आप बहुत देखते हैं ऐसे जवानों को जो दुनिया से चले जाते हैं। तो इस सफ़र की मंज़िल निश्चित नहीं है कि आप जो आगे बढ़ रहे हैं, आप का कहाँ तक आगे बढ़ना और कहाँ गिरना तय है।