दुश्मन के मुक़ाबले में चेतना के मामले में भी चरम सीमा पर हैं। हज़रत अली अलैहिस्सलाम कहते हैं कि “और जो सो गया तो उससे कोई ग़फ़लत नहीं करेगा” अगर तुम्हें दुश्मन की लोरी से नींद आ गयी तो जान लो इसका यह मतलब नहीं कि दुश्मन भी सो गया होगा, वह जाग रहा है। इमाम ख़ामेनेई 25 जून 2024
14/06/2025
न्याय की जहां तक बात है तो हज़रत अली अलैहिस्सलाम के न्याय को तो इन्सान बयान ही नहीं कर सकता। इमाम ख़ामेनेई 25 जून 2024
13/06/2025
ईदे ग़दीर के संबंध में जिन विषयवस्तुओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए उनका दायरा बहुत बड़ा है जिससे इस्लाम की पहचान हासिल होती है। इमाम ख़ामेनेई 25 जून 2024
12/06/2025
ग़दीर का अर्थ, इलाही व इस्लामी शासन के सिलसिले को जारी रखना है ताकि यह शासन इमामत की मदद से विकसित इस्लामी जीवन शैली के आदर्श पेश करने का सिलसिला जारी रखे। इमाम ख़ामेनेई 25 जून 2024
12/06/2025
18 ज़िलहिज्जा सन 10 हिजरी का दिन, ग़दीर के एलान और अमीरुल मोमेनीन की जानशीनी के एलान का दिन वह दिन है जब काफ़िर मायूस हो गए। इस बारे में कि वो दीने इस्लाम को मिटा सकेंगे। इस दिन से पहले तक उन्हें यह उम्मीद थी कि ऐसा कर ले जाएंगे। लेकिन इस दिन उनकी उम्मीद मर गई।
26/06/2024
दुनिया के सारे मुसलमानों को ईदे ग़दीर की मुबारकबाद पेश करता हूँ।
25/06/2024
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने ईदे ग़दीर के मौक़े पर राष्ट्रपति चुनाव के निकट अवाम की एक सभा को ख़ेताब करते हुए ईरानी राष्ट्र और दुनिया के सारे मुसलमानों को अल्लाह की सबसे बड़ी ईद ईदे ग़दीर की मुबारकबाद पेश की और ग़दीर के वाक़ए को इस्लामी शासन का क्रम जारी रहने और इस्लामी जीवन शैली के आगे बढ़ने की पृष्ठिभूमि क़रार दिया।
25/06/2024
ग़दीर का वाक़ेया इस्लाम की वास्तविक भावना और विषयवस्तु से निकला है। यह जो अल्लाह ने पैग़म्बरे इस्लाम के स्वर्गवास से क़रीब 70 दिन पहले उनसे यह फ़रमाया कि ऐ रसूल जो हुक्म आपको दिया गया है, उसे लोगों तक पहुंचा दीजिए और अगर आपने यह न पहुंचाया तो आपने अपनी ज़िम्मेदारी ही अदा न की, इससे पता चलता है कि इस्लाम की वास्तविक भावना और इस्लाम की वास्तविक विषयवस्तु ग़दीर में निहित है। इमाम ख़ामेनेई 20/02/2003
25/06/2024
हज़रत आदम के ज़माने से जब नबूव्वत और पैग़म्बरी का सिलसिला शुरू हुआ, वह जगह जहाँ धर्म और राजनीति के इकट्टा होने का अनोखा व बेजोड़ नमूना अपने चरम पर एक अमर परंपरा के तौर पर सामने आया जो समाज के मार्गदर्शन को सुनिश्चित करता था, वह ग़दीर का वाक़ेया था। इमाम ख़ामेनेई 03/03/2002
24/06/2024
गदीर का मसला अपनी आला विषयवस्तु के साथ सभी मुसलमानों से संबंधित है क्योंकि यह न्याय की हुक्मरानी, महानता की हुक्मरानी और अल्लाह की विलायत की हुक्मरानी के मानी में है। अगर हम भी सही मानी में अमीरुल मोमेनीन की विलायत से नाता जोड़ने वालों में शामिल होना चाहते हैं तो हमें अपने आपको, अपनी ज़िंदगी के माहौल को न्याय व इंसाफ़ के क़रीब करना होगा। सबसे बड़ा नमूना यह है कि हमसे जितना भी हो सके न्याय क़ायम करें क्योंकि न्याय का दायरा असीम है। इमाम ख़ामेनेई 20/02/2003
24/06/2024
मंगलवार 25 जून को सुबह तेहरान में इमाम ख़ुमैनी इमामबाड़े में ईदे ग़दीर के मौक़े पर "विलायत व बंधुत्व" शीर्षक के तहत जश्न का आयोजन होगा जिसे आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई ख़ेताब करेंगे और इस कार्यक्रम को लाइव प्रसारित किया जाएगा।
24/06/2024
ग़दीर का वाक़ेआ अमीरुल मोमेनीन हज़रत अली अलैहिस्सलाम की अज़मतों, औसाफ़ और फ़ज़ीलतों का नतीजा था।
24/06/2024