इंसान में अध्यात्म, उसके लक्ष्यपूर्ण होने की बुनियाद है उसकी ज़िदंगी को अर्थपूर्ण बनाता है और उसे दिशा देता है।
07/01/2026
रजब का महीना पाक मूल्यों और मानदंडों से क़रीब होने का एक मौक़ा है और इसी तरह ख़ुद में सुधार का एक अच्छा मौक़ा है। ये दिन, जो हमारी रवायतों में नुमायां दिनों के तौर पर बयान हुए हैं, ये सब मौक़े हैं और हर मौक़ा, एक नेमत है और हर नेमत के लिए शुक्र ज़रूरी है। रजब का महीना इन्हीं नेमतों में से एक है। इसके बाद शाबान का अज़ीम महीना है और वो भी एक दूसरी नेमत है और ये दोनों महीने तौहीद को मानने वालों और आत्मज्ञानियों की नज़र में पाक रमज़ान के महीने की तैयारी हैं... रजब के महीने की क़द्र व क़ीमत को समझिए, इस महीने में अल्लाह से ज़्यादा से ज़्यादा दुआ कीजिए, अल्लाह की याद में रहिए और अल्लाह के लिए काम कीजिए। इमाम ख़ामेनेई 26/04/2015
30/01/2025
रज़ब का महीना, दुआ का महीना है, तवस्सुल का महीना है। अल्लाह का शुक्र है कि चौदह मासूमों की ओर से इस महीने में जो विश्वसनीय दुआएं आयी हैं वो बहुत अच्छी और उच्च अर्थों वाली दुआएं हैं। इन्शाअल्लाह, इनसे फ़ायदा उठाया जाए।
30/01/2024
दुआ, मुश्किलों के हल की कुंजी, अल्लाह की याद और मन की पाकीज़गी का ज़रिया है और रजब का महीना उन लोगों की ईद है जो अपने मन को पाक करने का इरादा रखते हैं। इमाम ख़ामेनेई 9 अप्रैल 2018
28/01/2023
जब इंसान ग़फ़लत की हालत से बाहर निकल आए और इस ओर उसका ध्यान रहे कि उसे देखा जा रहा है, उसका हिसाब किया जा रहा है। हम लिखते लिखवाते रहते थे जो कुछ तुम करते थे।(सूरए जासिया-आयत-29) उसकी सभी हरकतें, हिलना डुलना और काम अल्लाह के सामने हैं तो स्वाभाविक तौर पर वह एहतियात करेगा।
25/01/2023
इस महीने में जितना ज़्यादा हो सके अल्लाह की बारगाह में दुआ व मुनाजात कीजिए और अहलेबैत को वसीला क़रार दीजिए! अल्लाह की याद में रहिए! अगर हम सब, अल्लाह से अपने संपर्क को मज़बूत बनाएं तो बहुत से मसले, मुश्किलें, परेशानियां, रुकावटें अपने आप ही दूर हो जाएंगी।
24/01/2023
आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई ने 24 सितम्बर 1982 को अपनी एक तक़रीर में फ़रज़ंदे रसूल इमाम मुहम्मद बाक़िर अलैहिस्सलाम की शख़्सियत के कुछ पहलुओं का जायज़ा लिया और इमाम के तारीख़ी सफ़रे शाम के सिलसिले में बड़े अहम बिंदुओं पर रौशनी डाली। तक़रीर के कुछ चुनिंदा हिस्से निम्नलिखित हैं।
24/01/2023
रजब का महीना ख़ुदाई वैल्यूज़ से ख़ुद को क़रीब करने का एक मौक़ा है, अल्लाह से क़रीब होने का मौक़ा है और आत्म निर्माण का मौक़ा है।
23/01/2023
रजब महीने का हर दिन अल्लाह की एक नेमत है। एक अक़्लमंद, होशियार व जागरुक इंसान इसके लम्हों में से हर लम्हे में ऐसी चीज़ हासिल कर सकता है कि जिसके सामने दुनिया की सारी नेमतें महत्वहीन हैं। यानी अल्लाह की मर्ज़ी, लुत्फ़, इनायत और तवज्जो हासिल कर सकता है। इमाम ख़ामेनेई 8 फ़रवरी 1991
23/01/2023
अगर इंसान अक़्लमंद, होशियार और जागरूक हो तो इसके हर लम्हे से वह चीज़ हासिल कर सकता है जिसके सामने दुनिया की सारी नेमतें मामूली हैं। यानी अल्लाह की रज़ामंदी, करम, इनायत और तवज्जो हासिल कर सकता है। इमाम ख़ामेनेई 8 फ़रवरी 1991
15/02/2022