राष्ट्रपति और विदेश मंत्री के हालिया न्यूयॉर्क दौरे पर, बहुत कोशिश हुयी कि आख़िरी क्षणों में सही वार्ता हो जाए और कोई नतीजा निकले, लेकिन सामने वाले पक्ष ने क़ुबूल नहीं किया;जिससे पता चलता है कि हमारा तर्क ठोस है, उनका तर्क ठोस नहीं है और वे ताक़त के बल पर अपना लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं।
19/10/2025
यानी हम अमरीका के वार्ता की मेज़ पर बैठें और उनके साथ होने वाली बातचीत का नतीजा वह बात हो जो उसने कही है, यह वार्ता नहीं है, यह तो मुंहज़ोरी है, ऐसे पक्ष के साथ बैठकर वार्ता कीजिए कि जिसका नतीजा आवश्वयक रूप से वही होगा जो वह चाहता है, क्या इसे वार्ता कहेंगे?
01/10/2025
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता ने बुधवार 12 मार्च 2025 की शाम को पूरे मुल्क से हज़ारों की तादाद में आए स्टूडेंट्स और उनके राजनैतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक संगठनों के कार्यकर्ताओं से मुलाक़ात की।
12/03/2025
हम बैठे, कई साल बातचीत की; इसी शख़्स ने, बातचीत पूरी होने, समझौते पर दस्तख़त होने के बाद, समझौते को मेज़ से उठाकर फेंक दिया, फाड़ दिया। ऐसे शख़्स के साथ बातचीत कैसे की जा सकती है?
12/03/2025