लेबनान और फ़िलिस्तीन के डटे हुए अवाम! बहादुर मुजाहिदो! धैर्यवान व क़द्रदान अवाम! ये शहादतें, ये ज़मीन पर बहने वाला ख़ून आपके आंदोलन को कमज़ोर नहीं बल्कि ज़्यादा मज़बूत बनाएगा...इस वक़्त भी इलाक़े में प्रतिरोध इन शहादतों की वजह से पीछे नहीं हटेगा, रेज़िस्टेंस विजयी होगा। ग़ज़ा में प्रतिरोध ने दुनिया को हैरत में डाल दिया, इस्लाम का गौरव बढ़ाया। इमाम ख़ामेनेई 4 अक्तूबर 2024
05/10/2025
फ़िलिस्तीन का दुश्मन, इंसानियत का दुश्मन है इमाम ख़ामेनेई 1 नवम्बर 2023
15/09/2025
लेखकः माएदा ज़मान फ़श्मी, पत्रकार और शोधकर्ता "ग़ैस, तुम अपनी माँ का दिल व जान हो। मैं चाहती हूं कि तुम मुझसे वादा करो कि मेरे लिए रोओगे नहीं ताकि मैं ख़ुश रहूं, मेरा सिर फ़ख़्र से ऊंचा करो, समझदार व्यक्ति बनो और अपनी तमाम सलाहियत को इस्तेमाल करो और एक सफल व्यापारी बनो। मेरे प्यारे मुझे भूल न जाना, मेरे प्यारे मैंने तुम्हे ख़ुश रखने और तुम्हारे सुकून के लिए जो मुमकिन था किया, सभी कठिनाइयों को तुम्हारे लिए बर्दाश्त किया। जब बड़े होना और शादी करना और तुम बेटी के बाप बनो तो उसका नाम "मरयम" रखना मेरे नाम पर। तुम मेरे प्यारे, मेरा दिल, मेरा सहारा, मेरी जान और मेरे बेटे हो, मेरे लिए फ़ख़्र का सबब हो और तुम्हारे होने से मैं हमेशा ख़ुश रहती हूं। मैं तुम्हें वसीयत करती हूं कि तुम्हारी नमाज़ न छूटे, मेरे बेटे नमाज़ नमाज़। तुम्हारी माँ मरयम।"
28/08/2025
अगर आज आप फ़िलिस्तीन में तकलीफ़ उठा रहे हैं तो जान लेना चाहिए कि यह तकलीफ़, पैग़म्बर की पाकीज़ा रूह को भी तकलीफ़ पहुंचाती है, हमारे पैग़म्बर इस तरह के हैं।
23/08/2025
इमाम ख़ामेनेई ने 31 मार्च 2025 को कहा था कि प्रमुख हस्तियों की हत्या ज़ायोनी शासन का रोज़मर्रा के कामों में से एक है और अमरीका और कुछ पश्चिमी सरकारें इन अपराधों का समर्थन करती हैं। इसी संबंध में, ऐसी कुछ अहम हस्तियों का परिचय कराया जा रहा है जो इस सरकारी आतंकवाद का शिकार बनी हैं।
17/08/2025
ज़ायोनी सरकार के अपराधी सैनिक ढिठाई से ठहाके लगाते हुए और मनोरंजन के तौर पर ग़ज़ा के आवासीय इलाक़ों को बमबारी से उड़ा देते हैं।
14/08/2025
इस बार मानवाधिकार के विश्व घोषणापत्र का इम्तेहान है। इस घोषणापत्र की, जिसे पश्चिमी विचारकों के हाथों और दूसरे विश्व युद्ध के बाद दुनिया पर उनके वर्चस्व के मज़बूत होने के बाद लिखा गया, आज ग़ज़ा में हर दिन ज़ायोनियों के हाथों धज्जियां उड़ रही हैं और "विश्व समुदाय" अपने हाथों से लिखे गए क़ानून के उल्लंघन पर ख़ामोश ही नहीं बल्कि वित्तीय और हथियारों से मदद कर रहा है।
07/08/2025
यह जो क्रूरता व बेरहमी ज़ायोनी शासन ने दिखायी है, यह जो बेरहमी की है, उससे न सिर्फ़ यह कि उसकी इज़्ज़त मिट्टी में मिल गयी है, बल्कि अमरीका भी बेइज़्ज़त हुआ है, युरोप के कुछ मशहूर मुल्कों की इज़्ज़त भी गयी है, बल्कि इससे पश्चिमी सभ्यता व संस्कृति की इज़्ज़त भी चली गयी है।
06/08/2025
यह जो क्रूरता व बेरहमी ज़ायोनी शासन ने ग़ज़ा के अवाम के ख़िलाफ़ दिखायी है, उससे न सिर्फ़ यह कि उसकी इज़्ज़त मिट्टी में मिल गयी है, बल्कि अमरीका भी बेइज़्ज़त हुआ है, युरोप के कुछ मशहूर मुल्कों की इज़्ज़त भी गयी, बल्कि इससे पश्चिमी सभ्यता व संस्कृति की इज़्ज़त भी चली गयी है। आयतुल्लाह ख़ामेनेई 29 नवम्बर 2023
28/07/2025
इस्लामी सरकारों पर आज बहुत भारी ज़िम्मेदारी है। इस्लामी सरकारों में से कोई भी सरकार, किसी भी रूप में, किसी भी बहाने से ज़ायोनी सरकार का समर्थन करेगी तो निश्चित तौर पर वह जान ले कि उसके माथे पर यह शर्मनाक कलंक हमेशा के लिए बाक़ी रह जाएगा।
23/07/2025
ज़ायोनी फ़ौजी उन माँओं पर फ़ायरिंग कर रहे हैं जो खाने की लाइनों में अपने भूखे बच्चों के लिए खाना लेने की कोशिश कर रही हैं। यह तो जंग नहीं है, यह एक क़ौम का सुनियोजित जातीय सफ़ाया है।
14/07/2025
हाजियों के नाम इस्लामी इंक़ेलाब के नेता के पैग़ाम (4 जून 2025) पर एक नज़र
09/06/2025