ऐ अल्लाह! मेरी और मेरी क़ौम की तरफ़ से महान पैग़म्बरों ख़ास तौर पर हज़रत इब्राहीम, हज़रत मूसा, हज़रत ईसा और हज़रत मोहम्मद की आत्मा पर, कृतज्ञतापूर्ण रहमत नाज़िल कर, जिन्होंने इंसान को मुक्ति दिलाने और जागरुक बनाने वाला पैग़ाम, अपनी जान की क़ीमत पर पूरी दुनिया में फैलाया और उसे अमर बनाया। उन पाक और आत्मज्ञानी दिलों को सम्मानीय सलाम जिन्होंने उस पैग़ाम को सुना, ख़ास तौर पर उन को जिन्होंने उसके लिए जान क़ुर्बान कर दी।
24/09/2026