May, 30, 2026
7 सामान्य ज़िंदगी से पाकीज़ा ज़िंदगी की ओर हिजरत की शर्त,
गुमराह करने वाली इच्छाओं और रुझानों को क़ुर्बान करना और भीतरी बुराइयों को मिटाना है।
आयतुल्लाह सैयद मुज्तबा हुसैनी ख़ामेनेई
26 मई 2026
29/05/2026