परिवार के रास्ते स्वस्थ समाज बनाने में धर्मों का और सब से ज़्यादा इस्लाम का कारनामा
परिवार के गठन की अहमियत को कम न समझिए। शायद यह कहना ग़लत न होगा कि पश्चिमी सभ्यता द्वारा इंसानियत के ख़िलाफ़ किए गए महापापों में से एक यह है कि उस ने अवाम की निगाह में शादी और परिवार के गठन को हल्का कर दिया।