अमीरुल मोमेनीन की तरह हम दुश्मनों की ज़्यादा तादाद से नहीं डरते
अमरीका से नहीं डरना चाहिए और ईरानी क़ौम नहीं डरती। क़ौम के सभी वर्गों में जो बहादुरी की यह भावना, अल्लाह पर भरोसे और जोश व जज़्बा है, उस से यह क़ौम विजयी होगी, अपने लक्ष्य को हासिल करेगी और दुश्मनों को झुका कर रहेगी। कोई भी दुश्मन, ईरानी क़ौम को उस राह पर चलने से नहीं रोक सकता, जो इस्लाम ने उस के सामने रखी है। बस यह बात याद रखनी चाहिए कि अली बिन अबी तालिब की तरह दुश्मन की ज़्यादा तादाद से डरना नहीं चाहिए।
इमाम ख़ामेनेई
19 जनवरी 1992
अमरीका से नहीं डरना चाहिए और ईरानी क़ौम नहीं डरती। क़ौम के सभी वर्गों में जो बहादुरी की यह भावना, अल्लाह पर भरोसे और जोश व जज़्बा है, उस से यह क़ौम विजयी होगी, अपने लक्ष्य को हासिल करेगी और दुश्मनों को झुका कर रहेगी। कोई भी दुश्मन, ईरानी क़ौम को उस राह पर चलने से नहीं रोक सकता, जो इस्लाम ने उस के सामने रखी है। बस यह बात याद रखनी चाहिए कि अली बिन अबी तालिब की तरह दुश्मन की ज़्यादा तादाद से डरना नहीं चाहिए।
इमाम ख़ामेनेई
19 जनवरी 1992
11/03/2026