क़ुरआन की रौशनी में: अमर होना, अल्लाह की राह में क़ुर्बानी की विशेषता है
शहीदों का नाम ज़िंदगी और अमर होने की मांग करता है। यानी ख़ुदा की राह में क़ुर्बानी की ख़ासियत और पहचान यह है कि शहीद का नाम दुनिया में हमेशा अमर रहता है: तो जो झाग है वह तो बेकार चला जाता है और जो चीज़ (पानी और धात) लोगों को फ़ायदा पहुंचाती है, वह धरती में बाक़ी रह जाती है। सूरए रअद, आयत 17) शहादत और अल्लाह की राह में क़ुर्बानी की विशेषता यह है कि शहीद स्वाभाविक रूप से अमर हो जाता है। आप इतिहास पर नजर डालें, पैग़म्बर, अल्लाह के प्यारे बंदे और अन्य अहम हस्तियां थीं, जिन पर बातिल, हावी हो गया क्योंकि हक़ के मोर्चे वालों ने वह काम नहीं किया जो उन्हें करना चाहिए था। इसका मतलब यह है कि शहीद स्वाभाविक रूप से अमर हैं और उनमें अमर होने का माद्दा पाया जाता है लेकिन हमारी भी कुछ ज़िम्मेदारी है, हमें शहीदों का नाम ज़िंदा रखना चाहिए।
इमाम ख़ामेनेई
27 सितम्बर 2023
शहीदों का नाम ज़िंदगी और अमर होने की मांग करता है। यानी ख़ुदा की राह में क़ुर्बानी की ख़ासियत और पहचान यह है कि शहीद का नाम दुनिया में हमेशा अमर रहता है: तो जो झाग है वह तो बेकार चला जाता है और जो चीज़ (पानी और धात) लोगों को फ़ायदा पहुंचाती है, वह धरती में बाक़ी रह जाती है। सूरए रअद, आयत 17) शहादत और अल्लाह की राह में क़ुर्बानी की विशेषता यह है कि शहीद स्वाभाविक रूप से अमर हो जाता है। आप इतिहास पर नजर डालें, पैग़म्बर, अल्लाह के प्यारे बंदे और अन्य अहम हस्तियां थीं, जिन पर बातिल, हावी हो गया क्योंकि हक़ के मोर्चे वालों ने वह काम नहीं किया जो उन्हें करना चाहिए था। इसका मतलब यह है कि शहीद स्वाभाविक रूप से अमर हैं और उनमें अमर होने का माद्दा पाया जाता है लेकिन हमारी भी कुछ ज़िम्मेदारी है, हमें शहीदों का नाम ज़िंदा रखना चाहिए।
इमाम ख़ामेनेई
27 सितम्बर 2023
01/12/2025