इस्लामी घरानाःमियां बीवी एक दूसरे की क़िस्मत और आख़ेरत संवारें

बहुत सी बीवियां हैं जो अपने शौहरों को जन्नत का हक़दार बना देती हैं और बहुत से शौहर हैं जो अपनी बीवी को सही मानी में सौभाग्यशाली बना देते हैं। इसी तरह इसका उलटा भी है। मुमकिन है (शादी से पहले) शौहर अच्छा रहा हो मगर बीवी उसे जहन्नमी बना दे या बीवियां अच्छी रही हों जिन को उनके शौहरों ने जहन्नमी बना दिया हो। अगर शौहर और बीवी दोनों इस बात पर ध्यान दें तो वो अच्छी नसीहतों के ज़रिए और आपस में अच्छे सहयोग से घर में धर्म व नैतिकता की बातें करके और वो भी ज़बानी बातों के ज़रिए नहीं बल्कि अपने व्यवहार व अमल के ज़रिए इस तरह एक दूसरे की मदद करते हैं। ऐसी स्थिति में ज़िन्दगी सही मानी में मुकम्मल और ख़ूबसूरत हो जाएगी। इमाम ख़ामेनेई 02/03/1999

बहुत सी बीवियां हैं जो अपने शौहरों को जन्नत का हक़दार बना देती हैं और बहुत से शौहर हैं जो अपनी बीवी को सही मानी में सौभाग्यशाली बना देते हैं। इसी तरह इसका उलटा भी है। मुमकिन है (शादी से पहले) शौहर अच्छा रहा हो मगर बीवी उसे जहन्नमी बना दे या बीवियां अच्छी रही हों जिन को उनके शौहरों ने जहन्नमी बना दिया हो। अगर शौहर और बीवी दोनों इस बात पर ध्यान दें तो वो अच्छी नसीहतों के ज़रिए और आपस में अच्छे सहयोग से घर में धर्म व नैतिकता की बातें करके और वो भी ज़बानी बातों के ज़रिए नहीं बल्कि अपने व्यवहार व अमल के ज़रिए इस तरह एक दूसरे की मदद करते हैं। ऐसी स्थिति में ज़िन्दगी सही मानी में मुकम्मल और ख़ूबसूरत हो जाएगी।

इमाम ख़ामेनेई

02/03/1999

31/01/2026

इस्लामी घरानाःमियां बीवी एक दूसरे की क़िस्मत और आख़ेरत संवारें