सख़्त इंतेक़ाम, यक़ीनी इंतेक़ाम

हम शहीद सुलैमानी की शहादत हरगिज़ भूलेंगे नहीं। इसे वो याद रखें! इस सिलसिले में हमने एक बात कही है ‎और ‎उस पर क़ायम हैं। मुनासिब वक़्त पर, मुनासिब जगह इंशाअल्लाह उस पर अमल किया जाएगा। ‎

इमाम ख़ामेनेई

2 नवम्बर 2022

09/11/2022

सख़्त इंतेक़ाम, यक़ीनी इंतेक़ाम