लेबर की अहमियत समाज की ज़िंदगी के महत्व के बराबर

काम और मेहनत समाज की ज़िंदगी है। काम न हो तो कुछ नहीं होगा। खाना, लेबास और वह सामान जो हम ज़िंदगी में इस्तेमाल करते हैं सब कुछ काम से तैयार होता है। काम कौन करता है? लेबर। तो फिर मज़दूर की कितनी अहमियत है? लेबर की अहमियत समाज की ज़िंदगी के महत्व के बराबर है। 

इमाम ख़ामेनेई

29 अप्रैल 2023

काम और मेहनत समाज की ज़िंदगी है। काम न हो तो कुछ नहीं होगा। खाना, लेबास और वह सामान जो हम ज़िंदगी में इस्तेमाल करते हैं सब कुछ काम से तैयार होता है। काम कौन करता है? लेबर। तो फिर मज़दूर की कितनी अहमियत है? लेबर की अहमियत समाज की ज़िंदगी के महत्व के बराबर है। 

इमाम ख़ामेनेई

29 अप्रैल 2023

29/04/2023

लेबर की अहमियत समाज की ज़िंदगी के महत्व के बराबर