बुतों को तोड़ देने की पैग़म्बर की दावत दी आज भी क़ायम है

आज भी और हर दौर में पैग़म्बरे इस्लाम की शिक्षाएं सारी इंसानियत के लिए हैं। जिस तरह उस ज़माने में पैग़म्बर ने लोगों को बुतों से दूरी और बुतों को तोड़ देने की दावत दी आज भी यही दावत मौजूद है। यह ख़ुद हमसे रसूले इस्लाम और बेसत का मुतालबा है। 


इमाम ख़ामेनेई

8 फ़रवरी 2024

आज भी और हर दौर में पैग़म्बरे इस्लाम की शिक्षाएं सारी इंसानियत के लिए हैं। जिस तरह उस ज़माने में पैग़म्बर ने लोगों को बुतों से दूरी और बुतों को तोड़ देने की दावत दी आज भी यही दावत मौजूद है। यह ख़ुद हमसे रसूले इस्लाम और बेसत का मुतालबा है। 


इमाम ख़ामेनेई

8 फ़रवरी 2024

12/02/2024

बुतों को तोड़ देने की पैग़म्बर की दावत दी आज भी क़ायम है