दुश्मन से ग़ाफ़िल न हों
हम दुश्मन से ग़ाफ़िल न हों, याद रखें कि दुश्मन फ़रेब, मक्कारी, चालाकी और हथकंडों से काम लेता है। दुशमन को कमज़ोर और बेबस न समझें।
इमाम ख़ामेनेई
18 फ़रवरी 2024
हम दुश्मन से ग़ाफ़िल न हों, याद रखें कि दुश्मन फ़रेब, मक्कारी, चालाकी और हथकंडों से काम लेता है। दुशमन को कमज़ोर और बेबस न समझें।
इमाम ख़ामेनेई
18 फ़रवरी 2024
21/02/2024