दुश्मन की ताक़त से वाक़िफ़ हों लेकिन उससे डरें नहीं

फ़तह की अहम शर्त यह है कि हम दुश्मन और उसकी ताक़त से वाक़िफ़ हों लेकिन उससे डरें नहीं! अगर आप डरे तो हार गए। दुश्मन की धमकियों, चीख़ पुकार और दबाव से डरना नहीं चाहिए। इमाम ख़ामेनेई  18 फ़रवरी 2024

फ़तह की अहम शर्त यह है कि हम दुश्मन और उसकी ताक़त से वाक़िफ़ हों लेकिन उससे डरें नहीं! अगर आप डरे तो हार गए। दुश्मन की धमकियों, चीख़ पुकार और दबाव से डरना नहीं चाहिए।

इमाम ख़ामेनेई 

18 फ़रवरी 2024

21/02/2024

दुश्मन की ताक़त से वाक़िफ़ हों लेकिन उससे डरें नहीं