दरस-ए-अख़लाक़: वक़्त पर नमाज़ और क़ुरआन की तिलावत आत्म-निर्माण के लिए ज़रूरी
आप सभी प्यारे नौजवानों से मेरी सिफ़ारिश, आत्म-निर्माण की है। आत्म-निर्माण बहुत अहम है, व्यक्तिगत पहलू से भी और सामाजिक पहलू से भी। क़ुरआन से लगाव, क़ुरआन के साथ संपर्क, नमाज़ में ध्यान, नमाज़ को वक़्त पर पढ़ना, दुआओं पर ध्यान, ये सब चीज़ें जो मेरी नज़र में आत्म-निर्माण के लिए ज़रूरी हैं।
इमाम ख़ामेनेई
17 मई 2020
आप सभी प्यारे नौजवानों से मेरी सिफ़ारिश, आत्म-निर्माण की है। आत्म-निर्माण बहुत अहम है, व्यक्तिगत पहलू से भी और सामाजिक पहलू से भी। क़ुरआन से लगाव, क़ुरआन के साथ संपर्क, नमाज़ में ध्यान, नमाज़ को वक़्त पर पढ़ना, दुआओं पर ध्यान, ये सब चीज़ें जो मेरी नज़र में आत्म-निर्माण के लिए ज़रूरी हैं।
इमाम ख़ामेनेई
17 मई 2020
21/11/2024