येरवान यूनिवर्सिटी में किताब "ख़ूनि दिली के लाल शुद" के आर्मीनियाई ज़बान में अनुवाद के रिलीज़ के प्रोग्राम में इस यूनिवर्सिटी के ओरिएंटलिज़्म विभाग के प्रोफ़ेसर डॉक्टर रॉबिन होहानेस मिलकूनियान ने कहा कि इस्लामी गणराज्य ईरान के शहीद रहबर उसी तरह शहीद हुए जिस तरह उन्होंने अपनी पूरी ज़िंदगी गुज़ारी थी, संघर्ष और अपने राष्ट्रीय और सभ्यात्मक मूल्यों से वफ़ादारी की राह में।
15/10/2026