बग़दाद में अंतर्राष्ट्रीय बुक फ़ेयर में शहीद रहबर की रचनाओं के संरक्षण व प्रकाशन विभाग के स्टाल पर हुज्जतुल इस्लाम वलमुस्लेमीन मोहम्मद जवाद मोहम्मदी गुलपायगानीः

शहीद ख़ामेनेई का कोई दिन, इतनी व्यस्तता के बावजूद बिना किताब पढ़े नहीं गुज़रता था

हमारे अज़ीज़ रहबर को सांस्कृतिक नज़र से किताब और किताब पढ़ने के संबंध में बहुत चिंता थी। वह कहा करते थे कि कोई चीज़ किताब की जगह नहीं ले सकती यानी उनकी नज़र में, किताब सबसे अहम सांस्कृतिक रचना है। उनके घर में किताब पढ़ने का माहौल था और वाक़ई वह भी किताब पढ़ने में अभ्यस्त थे।
 

06/09/2026

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