हमें वलीए फ़क़ीह रहमतुल्लाह अलैह का बदला लेना चाहिए, हम तमाम इस्लामी क़ौम आपस में एकता की मदद से, बदला लेंगे; जिस तरह अल्लाह ने फ़रमाया है कि दुश्मन, मकड़ी के जाले से भी ज़्यादा कमज़ोर है; लेकिन ये सब तब मुमिकन होगा जब हाथों, दिलों, अक़ीदों और विचारों के लेहाज़ से एकजुट हों, इंशा अल्लाह।
09/08/2026