अर्बईन 2026 में आप जहाँ भी जाएं और जो क़दम भी उठाएं, हर जगह उनका नाम छाया हुआ है। हर मौकिब के दरवाज़े पर आप हर रंग व नस्ल और हर क़ौम के श्रद्धालु के हाथ में इमाम शहीद की कोई न कोई निशानी देखेंगे। उनका शरीर नहीं है लेकिन वह इमाम हुसैन की राह पर चलने वाले हर आज़ादी पसंद इंसान के जिस्म और जान में मौजूद हैं।
05/08/2026