ज़िम्मेदारी निभाना, जवान नस्ल को अहमियत देना, न्याय, सक्रिय व फ़ायदेमंद कूटनीति पर ध्यान और ख़ास तौर पर अवाम से संपर्क और उन की पहुंच में होना, शहीद रईसी की मुख्य ख़ूबियों में गिना जा सकता है। ये ख़ूबियां रेज़िस्टेंस के शक्तिशाली मोर्चे के मुजाहिदों और सिस्टम के बहुत से हमदर्दों सहित ईरान के दोस्तों को प्रोत्साहित करती थीं। ये सब ख़ूबियां निश्चित तौर पर उस अध्यात्म से गुथी हुयी थीं जो उन की आत्मा की गहराई में था।
इमाम मुज्तबा हुसैनी ख़ामेनेई
20 मई 2026
22/05/2026