किताब "हेकायुतस सैयद" का छपना, पाकीज़ा प्रवृत्ति की ओर लोगों को वापस लाने की कोशिश
फ़तह सोच में बदलाव, मूल्यों में बदलाव और लोगों को उस पाकीज़ा प्रवृत्ति की ओर वापस लाने से हासिल होती है जिस पर अल्लाह ने इंसानों को पैदा किया है, यह किताब और उस को छापने का क़दम भी इसी परिप्रेक्ष्य में है।