इस्लामी जगत की अहम हस्तियों या विशिष्ट लोगों की ज़िम्मेदारियां हैं। ख़वास व विशिष्ट से मुराद धर्मगुरू हैं, बुद्धिजीवी हैं, राजनेता हैं, मीडिया वाले हैं, वे देख रहे हैं कि अमरीका और उसकी ओर से ज़ायोनी शासन को सपोर्ट के नतीजे में, ग़ज़ा पट्टी में क्या हो रहा है, इंसानियत पर कैसे वार हो रहा है। उन्हें अपने लोगों को बताना चाहिए, लोगों को इसकी मुख़ालेफ़त के लिए प्रेरित करना चाहिए, अवाम के भीतर से मांग उठनी चाहिए ताकि उनकी सरकारें ज़ायोनी शासन पर निर्णायक वार करने पर मजबूर हो जाएं।
#नकबा दिवस
#मुसीबत का अंत
19/05/2026