आख़िरी सांस तक... शहीद इमाम ख़ामेनेई की ज़िंदगी, संघर्ष और विरासत

शहीद इमाम ख़ामेनेई कौन थे? वह ज़िंदगी जो जेल, जिलावतनी, जंग और लीडरशिप में गुज़री, किस तरह ईमान, रेज़िस्टेंस और दृढ़ता पर आधारित अमर विरासत बन गयी?

उस महापुरुष को विदा करने में सिर्फ़ 1 दिन

जिसने आख़िरी सांस तक अल्लाह की राह में क़दम उठाया और पूरी दुनिया के हक़ पसंद लोगों के लिए रास्ता खोल दिया। 

अल्लाह का सलाम हो उस शहीद पर जिसने नौजवानी में संघर्ष के आग़ाज़ से लेकर शहादत के लम्हे तक, कभी सुस्ती नहीं दिखाई। 

आज शुक्रवार 3 जुलाई 2026, शहीद रहबर इमाम सैयद अली ख़ामेनेई के शव को अलविदा कहने में सिर्फ़ दिन बचा है!

#उठ खड़े होना चाहिए

#शहीद ख़ामेनेई

09/04/2026

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