ज़ायोनी, अब भी नील से फ़ुरात तक का सपना देख रहे हैं


उस महापुरुष को विदा करने में अब गिनती के कुछ दिन

जिस ने कई दशकों तक क्षेत्र में ज़ायोनीवाद के बुरे लक्ष्यों का पर्दाफ़ाश किया।

सोमवार 29 जून 2026 को शहीद रहबर इमाम सैयद अली ख़ामेनेई के शव को अलविदा कहने में सिर्फ़ दिन बचे हैं!

#उठ खड़े होना चाहिए

#शहीद ख़ामेनेई

21/08/2025

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