मां का हक़

जहाँ तक माँ के हक़ की बात है तो वो ज़िन्दगी देने वाली हस्ती का हक़ है। बाप का भी असर है, लेकिन माँ से कम, माँ का असर सबसे ज़्यादा होता है। दिलों में ईमान के बीज बोने वाली माएं हैं जो बच्चे को मोमिन बनाती हैं।

उस महापुरुष को विदा करने में अब गिनती के 2 दिन

जिसने माँ की अहमियत और उस के रुतबे को पहचाना और उसे सभी को समझाने की कोशिश करता रहा।

आज गुरूवार 2 जुलाई 2026, शहीद रहबर इमाम सैयद अली ख़ामेनेई के शव को अलविदा कहने में सिर्फ़ 2 दिन बचे हैं!

#उठ खड़े होना चाहिए

#शहीद ख़ामेनेई

 

18/01/2023

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