पाकीज़ा डिफ़ेन्स शुरू से आख़िर तक सूझबूझ से भरा था
पाकीज़ा डिफ़ेन्स के तथ्यों में फेरबदल कर दिए जाने का ख़तरा है। फेरबदल करने वाले तत्व घात में हैं। इसलिए वक़्त के लेहाज़ से पाकीज़ा डिफ़ेन्स से जितना ज़्यादा दूर हो रहे हैं, उतना ही मारेफ़त के लेहाज़ से हमें उससे ज़्यादा क़रीब होना चाहिए।
पाकीज़ा डिफ़ेन्स के तथ्यों में फेरबदल कर दिए जाने का ख़तरा है। फेरबदल करने वाले तत्व घात में हैं। इसलिए वक़्त के लेहाज़ से पाकीज़ा डिफ़ेन्स से जितना ज़्यादा दूर हो रहे हैं, उतना ही मारेफ़त के लेहाज़ से हमें उससे ज़्यादा क़रीब होना चाहिए।
25/09/2023