इस्लामी घराना: औरत को एक अच्छी माँ और बीवी होने के साथ साथ सामाजिक सरगर्मियों में भी भाग लेना चाहिए
इस्लाम महिला को सामाजिक मामलों में हिस्सा लेने, सामाजिक जद्दोजेहद में भाग लेने और पब्लिक सरगर्मियों में शामिल होने से नहीं रोकता, उसे एक अच्छी माँ और एक अच्छी बीवी भी होना चाहिए और सामाजिक मामलों में भी भाग लेना चाहिए।
इमाम ख़ामेनेई
27/07/2005
इस्लाम महिला को सामाजिक मामलों में हिस्सा लेने, सामाजिक जद्दोजेहद में भाग लेने और पब्लिक सरगर्मियों में शामिल होने से नहीं रोकता, उसे एक अच्छी माँ और एक अच्छी बीवी भी होना चाहिए और सामाजिक मामलों में भी भाग लेना चाहिए।
इमाम ख़ामेनेई
27/07/2005
13/01/2024