इस्लामी इंक़ेलाब, क़ौमों के लिए उम्मीद का केन्द्र

दुनिया के साम्राज्यवादी, दुनिया की इम्पीरियल ताक़तें और दुष्ट तत्व, इस्लामी गणराज्य से इस वजह से क्रोधित हैं कि इस्लामी गणराज्य बाक़ी रह गया, डटा रह गया, इन्हें मुंहतोड़ जवाब देने की हिम्मत दिखा सका।

उस महापुरुष को विदा करने में अब गिनती के तीन दिन

जिसने इस्लामी इंक़ेलाब को मशाल की तरह दुनिया के आज़ाद लोगों के सामने पेश किया

आज बुधवार 1 जुलाई 2026, शहीद रहबर इमाम सैयद अली ख़ामेनेई के शव को अलविदा कहने में सिर्फ़ 3 दिन बचे हैं!

#उठ खड़े होना चाहिए

#शहीद ख़ामेनेई
 

17/02/2025

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